| Wednesday, 11 July 2012 16:32 |
न्यायमूर्ति पी सदाशिवम और न्यायमूर्ति बी एस चौहान की खंडपीठ ने सज्जन कुमार की याचिका पर निचली अदालत को इस मामले में 27 जुलाई तक कार्यवाही नहीं करने का निर्देश दिया है। दिल्ली उच्च न्यायालय ने तीन जुलाई को सज्जन कुमार की याचिका पर सुनवाई के दौरान निचली अदालत के आदेश पर रोक लगाने से इंकार कर दिया था। उच्च न्यायालय में 27 जुलाई को ही सज्जन कुमार की याचिका पर आगे सुनवाई होने की संभावना है। केन्द्रीय जांच ब्यूरो ने सज्जन कुमार की इस अर्जी का विरोध करते हुए कहा था कि जांच आयोग कानून के प्रावधानों के अनुसार यदि कोई गवाह किसी आयोग के समक्ष कोई हलफनामा या बयान देता है तो उसकी गवाही पर सवाल उठाने के लिए उसके खिलाफ इनका इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। सज्जन कुमार का तर्क है कि यदि सीबीआई और गवाह आयोग के समक्ष दाखिल हलफनामों का इस्तेमाल कर सकते हैं तो फिर उन्हें अपने बचाव में इसका इस्तेमाल करने से रोकने का कोई कानून नहीं है। सज्जन कुमार सहित छह व्यक्तियों पर 1984 के दंगों में दिल्ली छावनी इलाके में छह व्यक्तियों की हत्या के मामले में उनकी कथित भूमिका को लेकर मुकदमा चल रहा है। इस मामले में अन्य आरोपियों में बलवान खोखड़, किशन खोखड़, महेन्द्र यादव, गिरधारी लाल और कैप्टन भागमल शामिल हैं। कांग्रेस के इस नेता पर भीड़ को सिखों पर हमला करने और उनकी हत्या के लिए उकसाने का आरोप है। नानावती आयोग की सिफारिश पर सज्जन कुमार के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। केन्द्रीय जांच ब्यूरो ने इस नेता के खिलाफ जनवरी, 2010 में दो आरोप पत्र दाखिल किये थे। |
Wednesday, July 11, 2012
उच्चतम न्यायालय ने सज्जन के खिलाफ मुकदमे पर लगायी रोक
उच्चतम न्यायालय ने सज्जन के खिलाफ मुकदमे पर लगायी रोक
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