| Friday, 08 June 2012 10:30 |
इधर, विधानसभा में विरोधी दल के नेता सूर्यकांत मिश्र ने चुनाव नतीजों पर कहा कि एक साल में ही लोग तृणमूल से डरने लगे हैं। मिश्र के मुताबिक एक साल पहले लोगों का स्वत:स्फूर्त समर्थन लेकर तृणमूल सत्ता में आई थी। जबकि वही लोग एक साल के बाद तृणमूल से डरने लगे हैं। उन्होंने कहा कि हल्दिया में लोगों ने तृणमूल को पीला कार्ड दिखा दिया। अगर पार्टी इसी रास्ते पर चलती रही तो लोग उसे लाल कार्ड भी दिखा देंगे। मिश्र ने माना कि लोगों ने एक साल पहले 2011 के विधानसभा चुनाव में वाममोर्चा को लाल कार्ड दिखा दिया था। उसके बाद ही राज्य में नई सरकार आई थी। लेकिन लोग अब तृणमूल से ऊबने लगे हैं। मिश्र ने कहा कि नगरपालिका चुनाव में अग सत्ताधारी पार्टी ने हिंसा व आतंक नहीं चलाया होता तो हल्दिया में और अधिक मतों से वाममोर्चा को जीत हासिल होती। हालांकि उन्होंने कहा कि हल्दिया में मिली जीत महत्वपूर्ण है। मिश्र ने आरोप लगाया कि झूठे मामलों में हमारी पार्टी के नेता लक्ष्मण सेठ समेत कई लोगों को जेल में बंद रखा गया है। उन्होंने कहा कि इससे तृणमूल के प्रति लोगों में काफी नाराजगी दिख रही है। इसी का नतीजा हल्दिया में तृणमूल की हार है। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी की सरकार को चाहिए कि अविलंब प्रतिहिंसा की राजनीति बंद करे। |
Friday, June 8, 2012
कम हुआ है तृणमूल का जनाधार
कम हुआ है तृणमूल का जनाधार
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