Monday, July 22, 2013

उत्तराखंड की ५ लोकसभा सीट के लिए कोन इतना समय देगा?केदारनाथ में पड़ी ये लाशें किसी समाचार चैनल के लिए ब्रेकिंग न्यूज़ नहीं हैं क्यूंकि इनमे कुछ मसाला नहीं है न ही कोई ग्लेमर है ।यहाँ कोई तीस्ता नहीं आएगी कोई मेधा अनशन नहीं करेगी, कोई अभिनेता चादर चडाने नहीं जायेगा, कोई फ़िल्मी खान मदत के लिए शो नहीं करेगा और स्वघोषित बुद्धिजीवी ब्लॉग नहीं लिखेंगे!

केदारनाथ में पड़ी ये लाशें किसी समाचार चैनल के लिए ब्रेकिंग न्यूज़ नहीं हैं क्यूंकि इनमे कुछ मसाला नहीं है न ही कोई ग्लेमर है । 
न ही किसी मनावाधिकार वालो की नजर इस पर पड़ेगी क्यूँ की ये किसी कश्मीरी आतंकवादीयों या नक्सलीयों के लाशे नहीं हैं … 
और ना ही कोई नेता इनके लिए आंसू बहायेगा क्यूँ की ये कोई माईनोरिटी वाले नहीं हैं
यहाँ कोई तीस्ता नहीं आएगी कोई मेधा अनशन नहीं करेगी, कोई अभिनेता चादर चडाने नहीं जायेगा, कोई फ़िल्मी खान मदत के लिए शो नहीं करेगा और स्वघोषित बुद्धिजीवी ब्लॉग नहीं लिखेंगे, 
ये मंदिर जा रहे थे तो कुछ दिन बाद कम्युनिस्ट भी देवता को गाली देने के बाद चुप हो जायेंगे। 
उत्तराखंड की ५ लोकसभा सीट के लिए कोन इतना समय देगा। विधानसभा में भी परिसीमन के बाद पहाड़ो में कुछ रहा नहीं बाकि चुनाव के समय की कला तो सभी को पता है जैसे हरक सिंह रावत जी ने रुद्रप्रयाग में और निशंख जी ने डोई वाला और कोटद्वार में किया। पहाडियों का क्या फिर सीख जायेगे ये तो जिंदगी का हिस्सा है, गिरते पहाड़ो पर चलने की आदत है । नौकरी के लिए सेना तो है ही। — with Rajiv Nayan Bahuguna and 42 others.
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