Tuesday, July 23, 2013

उत्तराखंड सरकार चाहती है अधिक व्यावहारिक भूमि अधिग्रहण कानून

उत्तराखंड सरकार चाहती है अधिक व्यावहारिक भूमि अधिग्रहण कानून


नई दिल्ली: 22 जुलाई। भारत सरकार के शहरी आवास मंत्रालय ने उत्तराखण्ड के आपदा प्रभावितों हेतु आवास उपलब्ध कराने के लिये हर संभव मदद का आश्वासन दिया है।

केन्द्रीय शहरी आवास विकास एवं गरीबी उन्मूलन मंत्री गिरिजा व्यास ने मंत्रालय द्वारा सोमवार को विज्ञान भवन में आयोजित "सस्ते मकानों पर एक राष्ट्रीय सम्मेलन" को संबोधित करते हुए यह आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड के लोगों की मदद के लिये यदि कुछ प्रचलित नियमों-कानूनों में ढील भी देनी हो तो विचार किया जायेगा।

उत्तराखण्ड सरकार की ओर से सम्मेलन में प्रतिभाग करने पहुँचे नियोजन मंत्री दिनेश अग्रवाल ने बताया कि राज्य में प्राकृतिक आपदा से प्रभावित लगभग 300 गांवों का विस्थापन किया जाना है। राजीव गांधी आवास योजना के अंतर्गत केवल शहरी गरीबों के लिये ही मकान बनाए जा सकते हैं ऐसे में केन्द्र सरकार को उत्तराखण्ड में विस्थापितों के लिये भी विचार करना होगा। उत्तराखण्ड में केवल तीन ही मैदानी जिले हैं जहां "लैण्ड बैंक" बनाया जा सकता है परन्तु भूमि की उपलब्धता बेहद कम होने से भूमि अधिग्रहण की समस्या आती है। श्री अग्रवाल ने ऐसे में एक अधिक व्यावहारिक भूमि अधिग्रहण कानून की आवश्यकता भी बताई। जिसका सम्मेलन में स्वागत किया गया।

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